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Mausoleum, tomb in Garhi Udairaj

ताज महल

Monument of National Importance, World Heritage Site

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This is a photo of ASI monument numberWikijib · CC BY-SA 4.0

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The story of ताज महल

आपके सामने ताजमहल है, एक सफ़ेद संगमरमर का मक़बरा जो ताजमहल परिसर का केंद्रीय ढाँचा है और अपनी पूर्ण सममिति के लिए तुरंत पहचाना जाता है। यह भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित है, और विश्व धरोहर स्थल भी है।

इसका निर्माण १७वीं सदी में मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था। ताजमहल का नाम उर्दू मूल का है; इसे अरबी और फ़ारसी से निकला माना जाता है, जहाँ tāj mahall का अर्थ “crown palace” बताया गया है। अब्दुल हमीद लाहौरी ने अपनी 1636 की पुस्तक Padshahnama में इसे rauza-i munawwara, यानी “illuminated or illustrious tomb” कहा था।

यह इमारत मुग़ल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना मानी जाती है। इसकी शैली में फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटक मिले हुए हैं, और इसे इंडो-इस्लामिक और मुग़ल परंपराओं का विस्तार भी कहा गया है। उस्ताद अहमद लाहौरी को प्रायः इसका प्रधान रूपांकनकर्ता माना जाता है। निर्माण लगभग २२ वर्षों तक चला और सन् १६४८ के लगभग पूरा हुआ था; एक अन्य तिथि 1653 को इसके खुले होने के रूप में दी गई है।

यह परिसर यमुना नदी के किनारे एक 300 metres लंबी और 8.7 metres ऊँची मंच-रचना पर खड़ा है। केंद्रीय मक़बरा श्वेत संगमरमर का है, जबकि परिसर की अन्य इमारतों में लाल बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया है। मुख्य मक़बरा 6-metre ऊँचे वर्गाकार प्लिंथ पर स्थित है, जिसकी भुजाएँ 95.5 metres लंबी हैं। आधार-रचना चारों कोनों पर कटे हुए एक बड़े बहु-कक्षीय घन की तरह है, जिससे लगभग 57.3 metres लंबी चार मुख्य भुजाएँ बनती हैं। हर तरफ़ iwan हैं, यानी मेहराबदार प्रवेश-द्वार, और हर iwan के ऊपर 33-metre ऊँचा pishtaq है; उसकी दोनों ओर समान आकार की दो मेहराबदार बालकनियाँ हैं। यही रूप छोटे पैमाने पर कोनों पर दोहराया गया है, और इसी कारण पूरी रचना पूरी तरह सममित है। भीतर का मुख्य कक्ष अष्टकोणीय है, जिसके हर किनारे 7.3 metres के हैं। दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार बाग़ की ओर खुलता है, और दीवारों में jali screens रोशनी को भीतर आने देती हैं।

ताजमहल की योजना में Charbagh उद्यान और hasht-behesht योजना के संकेत भी हैं, और इसकी दिशा उत्तर–दक्षिण अक्ष पर रखी गई है। अन्य चारों ओर के भवनों के लिए संगमरमर के बजाय लाल बलुआ पत्थर चुना गया, जबकि मक़बरे में जड़े हुए semi-precious stones भी दिखाई देते हैं। श्वेत गुम्बद और शीर्ष पर finial इसकी सबसे पहचानी जाने वाली बाहरी विशेषताएँ हैं।

इसके इतिहास में बदलाव और क्षति दोनों दर्ज हैं। दिसंबर 1652 में शाहजहाँ के पुत्र औरंगज़ेब ने अपने पिता को लिखे पत्र में बताया कि मक़बरे, मस्जिद और assembly hall में पिछली बरसात के दौरान व्यापक रिसाव हो रहे थे। 1658 में औरंगज़ेब ने शाहजहाँ को पदच्युत कर आगरा क़िले में नज़रबंद किया, जहाँ से वे ताजमहल देख सकते थे। शाहजहाँ की मृत्यु 1666 के बाद औरंगज़ेब ने उन्हें उनकी पत्नी के बगल वाले मक़बरे में दफ़न किया। 18वीं सदी में भरतपुर के जाट शासकों ने आगरा पर आक्रमण के दौरान ताजमहल पर हमला किया और मुख्य cenotaph के ऊपर लटके दो झाड़फानूस, एक agate का और एक silver का, तथा gold and silver screen ले गए। बाद में 19वीं सदी के अंत तक इमारतों के कुछ हिस्से जर्जर हो चुके थे।

सन् 1983 में ताजमहल UNESCO World Heritage Site बना, और Monument of National Importance भी है। आज यह एक प्रमुख tourist attraction है, जिसे हर वर्ष बहुत बड़ी संख्या में लोग देखने आते हैं; 2022–23 के वित्तीय वर्ष में लगभग five million visitors आए। प्रवेश तीन गेटों से होता है, polluting vehicles परिसर के पास नहीं जा सकते, इसलिए आगंतुकों को पैदल जाना होता है या designated parking areas से electric buses लेनी होती हैं। परिसर शुक्रवार को छोड़कर हर दिन खुला रहता है, sunrise से one hour पहले से sunset से 45 minutes पहले तक। पूर्णिमा की रात limited night viewing भी होती है, Ramadan को छोड़कर। अगर आप यहाँ कुछ देर रुकें, तो सबसे पहले इस केंद्रीय white marble tomb की सटीक सममिति, उसके चार समान मुख और ऊपर उठे dome को देखिए; यही वह संरचना है जिसने ताजमहल को भारत की पहचान बना दिया।

In brief

ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित एक विश्व धरोहर मक़बरा , और विश्व के ७ अजूबों में से एक है। इसका निर्माण १७वीं सदी में मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था।

मुगल सम्राट शाहजहां के समय में मुगल वास्तुकला अपने चरम शिखर पर थी, ताजमहल उन सभी वास्तुकलाओं के उदाहरण में सर्वप्रसिद्ध है। ताजमहल मुग़ल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। इसकी वास्तु शैली फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा सम्मिलन है। सन् १९८३ में, ताजमहल युनेस्को विश्व धरोहर स्थल बना। इसके साथ ही इसे विश्व धरोहर के सर्वत्र प्रशंसा पाने वाली, अत्युत्तम मानवी कृतियों में से एक बताया गया। ताजमहल को भारत की इस्लामी कला का रत्न भी घोषित किया गया है। साधारणतया देखे गये संगमरमर की सिल्लियों की बडी- बडी पर्तो से ढंक कर बनाई गई इमारतों की तरह न बनाकर इसका श्वेत गुम्बद एवं टाइल आकार में संगमरमर से ढंका है। केन्द्र में बना मकबरा अपनी वास्तु श्रेष्ठता में सौन्दर्य के संयोजन का परिचय देते हैं। ताजमहल इमारत समूह की संरचना की खास बात है, कि यह पूर्णतया सममितीय है। इसका निर्माण सन् १६४८ के लगभग पूर्ण हुआ था। उस्ताद अहमद लाहौरी को प्रायः इसका प्रधान रूपांकनकर्ता माना जाता है। ताजमहल के निर्माण में लगभग २२ वर्षों का समय लगा।

Key facts

Named after
Mumtaz Mahal
Religion
Islam
Built
1631
Opened
1653
Founded by
Shah Jahan
Commissioned by
Shah Jahan
Architect
Ahmad Lahori
Architectural style
Islamic architecture, architecture of Iran
Materials
marble
Height
73 metre
Area
17 hectare
Significant event
construction

Before you go

Time to allow
1.5-2.5 hr
Best months
October to March
Address
Dharmapuri, Forest Colony, Tajganj, Agra, Uttar Pradesh 282001, India

Where this comes from