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Lattice tower, observation tower in Av. Gustave Eiffel, Paris

एफिल टॉवर

monument historique inscrit (since 1964-06-24), Historic Civil Engineering Landmark

Eiffel Tower, Paris, France
Eiffel Tower, Paris, FranceMirko Bellabarba mirkobellabarba · CC0

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The story of एफिल टॉवर

आपके सामने जो है, वह अइफ़िल टावर है—324 metre ऊँचा, तीन मंज़िला लौह टावर, और फ़्रांस की सबसे पहचानने वाली इमारतों में से एक। जब यह बना था, तब यह दुनिया की सबसे ऊँची इमारत थी। आज भी यह एक observation tower है, और इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह इंजीनियरिंग और राष्ट्रीय प्रतीक, दोनों की तरह काम करता है।

यह टावर Gustave Eiffel के नाम पर रखा गया, और इसकी रचना भी उन्हीं से जुड़ी है। डिज़ाइन का श्रेय Maurice Koechlin और Émile Nouguier को दिया जाता है, जो Compagnie des Établissements Eiffel में senior engineers थे, और बाद में Stéphen Sauvestre ने इसमें architectural योगदान दिया। यह विचार 1889 के Exposition Universelle के लिए उठा था, जो French Revolution की centennial celebration के लिए आयोजित होने वाला world’s fair था। उस मेले के लिए सरकार एक ऐसा प्रवेश-चिह्न चाहती थी जो 300 metre ऊँचा हो, लोहे का हो, और जिसके चार मुख्य स्तंभों के बीच की दूरी 125 metre हो। 107 इंजीनियरों के डिज़ाइनों में से Eiffel की परियोजना चुनी गई।

निर्माण 28 January 1887 को शुरू हुआ, और मुख्य structural work 1889 के अंत March तक पूरा हो गया। उद्घाटन 31 March 1889 को हुआ, और 6 May से यह जनता के लिए खुला। उस समय इसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ; कई लोग मानते थे कि 300 m तक पहुँचना असंभव है, और कुछ कलाकार भी इसके रूपाकार से असहमत थे। फिर भी, यह वही समय था जब पैरिस में architecture और engineering के रिश्ते पर बहस तेज़ थी, और यह टावर उसी बहस का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया।

अगर आप यहाँ ध्यान से देखें, तो इसकी संरचना की असली रोचकता इसके चार पाँवों की बनावट में है। foundations 28 January 1887 से शुरू हुए। east और south legs अपेक्षाकृत सीधी तरह से 2 m concrete slabs पर टिकाए गए थे। west और north legs Seine नदी के पास होने की वजह से अधिक जटिल थे; वहाँ compressed-air caissons का उपयोग हुआ, जो 15 m लंबे और 6 m व्यास के थे, और 22 m की गहराई तक पहुँचाए गए। हर slab के ऊपर limestone block रखा गया, और ironwork को पकड़ने के लिए bolts लगाए गए। यह सब इसलिए ताकि ऊपर उठती पूरी संरचना wind resistance झेल सके।

इस टावर में wrought iron, steel, और puddled iron का उपयोग हुआ है। इसका कुल वजन लगभग 10,100 tonnes है, जिसमें 7,300 tonnes का मूल wrought iron ढांचा शामिल है। इसकी बनावट का एक आकर्षक तथ्य यह भी है कि यदि इस धातु को पिघलाया जाए, तो वह 125 metre वाले square base को केवल 6.25 cm गहराई तक ही भर पाएगी। तापमान बदलने पर ऊपर का हिस्सा धूप की ओर से 18 cm तक खिसक भी सकता है।

Eiffel ने इसके सामने 72 French scientists, engineers and mathematicians के नाम खुदवाए थे, एक तरह की “invocation of science” के रूप में। 20th century की शुरुआत में वे engravings पेंट कर दिए गए थे, लेकिन 1986–87 में Société Nouvelle d'exploitation de la Tour Eiffel ने उन्हें restored किया।

आज यह tower दुनिया का सबसे-visited paid monument है। 2015 में 6.91 million visitors आए थे, और औसतन 25,000 लोग हर दिन इसे चढ़ते हैं। अंदर जाने वाले visitors के लिए Bir-Hakeim सबसे नज़दीकी Paris Metro station है, और Champ de Mars-Tour Eiffel नज़दीकी RER station। यह quai Branly और Pont d'Iéna के intersection पर खड़ा है।

इसका heritage status भी दर्ज है: यह 24 June 1964 से monument historique inscrit है, और Historic Civil Engineering Landmark भी है। और सबसे व्यावहारिक बात, यह हर दिन 9:00 AM से 12:00 AM तक खुला रहता है—यानी अगर आप ऊपर जाना चाहें, तो समय हाथ में है।

In brief

अइफ़िल टावर (फ़्रान्सीसी: Tour Eiffel, /tuʀ ɛfɛl/) फ्रांस की राजधानी पैरिस में स्थित एक लौह टावर है। इसका निर्माण १८८७-१८८९ में शैम्प-दे-मार्स में सीन नदी के तट पर पैरिस में हुआ था। यह टावर विश्व में उल्लेखनीय निर्माणों में से एक और फ़्रांस की संस्कृति का प्रतीक है। अइफ़िल टावर की रचना गुस्ताव अइफ़िल के द्वारा की गई है और उन्हीं के नाम पर से अइफ़िल टॉनर का नामकरन हुआ है। अइफ़िल टावर की रचना १८८९ के वैश्विक मेले के लिए की गई थी। जब अइफ़िल टावर का निर्माण हुआ उस वक़्त वह दुनिया की सबसे ऊँची इमारत थी। आज की तारीख में टावर की ऊँचाई ३२४ मीटर है, जो की पारंपरिक ८१ मंज़िला इमारत की ऊँचाई के बराबर है। बग़ैर एंटेना शिखर के यह इमारत फ़्रांस के मियो (फ़्रांसीसी: Millau‎) शहर के फूल के बाद दूसरी सबसे ऊँची इमारत है। यह तीन मंज़िला टावर पर्यटकों के लिए साल के ३६५ दिन खुला रहता है। यह टावर पर्यटकों द्वारा टिकट खरीदके देखी गई दुनिया की इमारतों में अव्वल स्थान पे है।

अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ताज महल जैसे भारत की पहचान है, वैसे ही अइफ़िल टावर फ़्रांस की पहचान है।

1889 में फ़्रांसीसी क्रांति के शताब्दी महोत्सव के अवसर पर, वैश्विक मेले का आयोजन किया गया था। इस मेले के प्रवेश द्वार के रूप में सरकार एक टावर बनाना चाहती थी। इस टावर के लिए सरकार के तीन मुख्य शर्तें थीं--

टावर की ऊँचाई 300 मीटर होनी चाहिए

टावर लोहे का होना चाहिए

टावर के चारों मुख्य स्थंभ के बीच की दूरी 125 मीटर होनी चाहिए। इस प्रस्ताव पर 107 इंजीनियरों ने डिजाइन दिए जिसमें से गुस्ताव अइफ़िल की परियोजना मंज़ूर की गई। मौरिस कोच्लिन,एमिल नुगिए इस परियोजना के संरचनात्मक इंजीनियर थे और स्टीफेन सौवेस्ट्रे वास्तुकार थे। 300 मजदूरों ने मिलकर अइफ़िल टावर को 2 साल, 2 महीने और 5 दिनों में पूरा किया। इसका उद्घाटन 31 मार्च 1889 में हुआ और 6 मई से यह टावर लोगों के लिए खुला गया।

हालाँकि अइफ़िल टावर उस समय की औद्योगिक क्रांति का प्रतीक था और वैश्विक मेले के दौरान आम जनता ने इसे काफी सराहा, फिर भी कुछ नामी हस्तियों ने इस निर्माण की आलोचना की। उस वक़्त के सभी समाचार पत्र पैरिस के कला समुदाय द्वारा लिखे गए निंदा पत्रों से भरे पड़े थे। विडंबना की बात यह है कि जिन नामी हस्तियों ने शुरुआती दौर में इस टावर की निंदा की थी, उन में से कई हस्तियाँ ऐसी थीं जिन्होंने बदलते समय के साथ अपनी राय बदली। ऐसी हस्तियों में नामी संगीतकार शार्ल गुनो थे, जिन्होंने 14 फ़रवरी 1887 के समाचार पत्र "Le Temps " में अइफ़िल टावर को पैरिस की बेइज्जती कहा था। बाद में उनके विचार बदले और उन्होंने एफिल टावर की प्रशस्ति में एक कॉन्सर्ट की रचना की।

शुरुआती दौर में विचार यह था कि अइफ़िल टावर को सिर्फ 20 साल तक कायम रखा जाएगा और 1909 में इसे नष्ट कर दिया जाएगा। लेकिन इन 20 सालों के दौरान टावर ने पर्यटकों को इस कदर आकर्षित किया और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इसे ऐसा उपयोगी माना गया कि इसे तोड़ने के बजाए इसे विश्व धरोहर के रूप में कायम रखने का फैसला किया गया।

Key facts

Named after
Gustave Eiffel
Part of
banks of the Seine
Built
1887-01-28
Opened
1889-03-31
Commissioned by
Gustave Eiffel
Architect
Stéphen Sauvestre
Inspired by
Latting Observatory
Owned by
Government of the French Republic, municipality of Paris
Materials
wrought iron, steel, puddled iron
Height
324 metre
Floors
3

Before you go

Open today
9:00 AM – 12:00 AM
Time to allow
1.5-2.5 hr
Best months
February to December
Address
Av. Gustave Eiffel, 75007 Paris, France

Where this comes from